Aeroplane Mode Kya Hai? और उपयोग कहा होता है |

Aeroplane Mode Kya Hai? : यहां पर आज हम स्मार्टफोन के एक महत्वपूर्ण फीचर को लेकर बात करने वाले हैं जिसके बारे में अधिकांश लोगों को कोई सही जानकारी नहीं है जहां पर हम एरोप्लेन मोड को लेकर बात करने वाले हैं |

हम इस पोस्ट में Aeroplane Mode Kya Hai? एवं एरोप्लेन मोड की आवश्यकता क्यों होती है? और इसका उपयोग कहां पर किया जाता है? वहीं इससे जुड़े हुए कहीं और महत्वपूर्ण सवालों के जवाब देने की कोशिश करेंगे |

आज के समय में हर कोई स्मार्ट फोन का उपयोग करता है ऐसे में वह सभी सोचते हैं कि वह स्मार्टफोन को अच्छी तरीके से चलाना सीख गए हैं और सभी फीचर को लेकर अवगत है लेकिन असल में ऐसा नहीं होता है |

अधिकांश लोगों को इस स्मार्टफोन के कई महत्वपूर्ण और काफी उपयोगी फीचर को लेकर सटीक जानकारी नहीं होती है उदाहरण के तौर पर Aeroplane Mode को ले सकते हैं इसको लेकर कई अलग-अलग धारणाएं हैं |

हम यहां पर Aeroplane Mode Kya Hai? एवं इसका उपयोग कहां पर और किस परिस्थितियों में किया जाता है इसकी सटीक जानकारी देने वाले हैं जिससे कि एरोप्लेन मोड को लेकर समझने में मदद मिलेगी |

क्या इसका इस्तेमाल फ्लाइट के दौरान किया जाता है और कैसे फ्लाइट के दौरान एरोप्लेन मोड से हमें मदद मिलती है एवं फ्लाइट मोड का उपयोग नहीं किया जाए तब क्या हो सकता है? इसी प्रकार के कई सवालों के जवाब देने वाले हैं |

वैसे इंटरनेट पर पहले से ही Aeroplane Mode Kya Hai? को लेकर कहीं जानकारी उपलब्ध है इन सभी में दिक्कत यह है कि एरोप्लेन मोड के बारे में अलग-अलग भाषाओं में बताया गया है लेकिन हम इस पोस्ट में बिल्कुल सरल और हिंदी भाषा में बात करने वाले हैं |

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Aeroplane Mode Kya Hai

अधिकांश स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं को एरोप्लेन फीचर्स को लेकर जानकारी नहीं होती है इसीलिए हम यहां पर Aeroplane Mode Kya Hai? को लेकर संपूर्ण जानकारी देने वाले हैं और जानेंगे, कि इसका उपयोग करके कैसे अपने फोन को और बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है |

जहां पर हम बताना चाहेंगे कि एरोप्लेन मोड एक प्रकार का स्मार्टफोन में मूड होता है जिसके माध्यम से आप इस स्मार्टफोन के सभी वायरलेस फीचर्स को नियंत्रित कर सकते हैं उदाहरण के तौर पर वाईफाई, ब्लूटूथ, मोबाइल हॉटस्पॉट, जीपीएस एवं और भी इसी प्रकार के कई वायरलेस फीचर्स को बंद एवं चालू किया जा सकता है |

इसे अगर हम और सरल तरीके से आप को समझाने की कोशिश करें तब हम बताना चाहेंगे, कि जब आप Aeroplane Mode को On करते हैं ऐसे में आपके स्मार्टफोन के साथ में जितने भी वाइट ड्रेस कनेक्शन जुड़े हुए हैं जिसमें कि Cellular Network भी शामिल है सभी पूरी तरीके से बंद हो जाते हैं |

जिससे कि आपका स्मार्टफोन पूरी तरीके से किसी भी दूसरे नेटवर्क से संपर्क में नहीं रहता है और स्मार्टफोन कुछ भी काम का नहीं रह पाता ना आप उस के माध्यम से कॉल लगा सकते हैं एवं ब्लूटूथ का उपयोग कर सकते हैं उन सभी फीचर का उपयोग नहीं कर पाएंगे, जिनमें वायरलेस नेटवर्क की जरूरत होती है |

जब भी आपको एरोप्लेन मोड को ऑन कर लेते हैं उसके बाद आपके फोन के अधिकांश फीचर्स काम करना बंद कर देते हैं क्योंकि उसके लिए इंटरनेट की आवश्यकता होती है और एरोप्लेन मोड में इंटरनेट एवं किसी भी प्रकार से नेटवर्क से जुड़े हुए कार्य नहीं कर सकते हैं |

एरोप्लेन मोड का मुख्य काम क्या है?

अभी आप सोच रहे होंगे कि एरोप्लेन मोड की आवश्यकता क्यों होती है? और एरोप्लेन मोड का मुख्य काम क्या है?  इसको लेकर हम यहां जानकारी देने वाले हैं जिससे कि एरोप्लेन मोड को लेकर और अच्छी तरीके से समझने में मदद मिलेगी |

आज के समय में लगभग सभ स्मार्ट डिवाइस में एरोप्लेन मोड देखने को मिलता है जहां पर कुछ डिवाइस में एरोप्लेन मोड की जगह पर फ्लाइट मोड लिखा हुआ होता है लेकिन इन दोनों ही मोड़ का एक ही काम रहता है सिर्फ नाम अलग अलग कर दिया गया है |

उतरन करो एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम से लेकर आईफोन के ऑपरेटिंग सिस्टम में आपको एरोप्लेन मोड देखने को मिल जाएगा एवं सभी प्रकार के टेबलेट में भी एरोप्लेन मोड का फीचर दिया गया है  |

जब भी अपने स्मार्ट डिवाइस एरोप्लेन मोड (Flight Mode) को एक्टिव करते हैं ऐसे में स्मार्ट डिवाइस के कई मुख्य फीचर पूरी तरीके से काम करने बंद हो जाते हैं और आप अपने डिवाइस को पूरी तरीके से इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे |

Cellular Networks

जब भी आप एयरोप्लेन मोड को ऑन करते हैं ऐसे में Cellular Networks पूरी तरीके से बंद हो जाता है क्योंकि Device पूरी तरीके से Cell Tower कम्युनिकेशन टूट जाता है इसका परिणाम यह होता है कि आप अपने स्मार्टफोन के माध्यम से किसी को भी मैसेज एवं कॉल नहीं कर सकते इसी के साथ में इंटरनेट का उपयोग भी नहीं कर पाएंगे |

क्योंकि डिवाइस के साथ Cell Tower के बीच कम्युनिकेशन टूट जाता है जिसकी वजह से आपको कहीं पर भी क्यों ना हो अपना फोन से s.m.s. और कॉल नहीं लगा पाएंगे, इस बात का पूरा ध्यान रखना होता है |

 

Bluetooth

जैसे ही एरोप्लेन मोड को चालू किया जाता है उसी वक्त से ब्लूटूथ भी पूरी तरीके से काम करना बंद कर देता है ऐसे में अगर आप ब्लूटूथ का उपयोग कर रहे थे तब एरोप्लेन मोड को चालू करने के बाद में नहीं कर पाएंगे |

जिसके कारण से आप अपने ब्लूटूथ के जरिए किसी भी डिवाइस को अपने स्मार्टफोन से कनेक्ट नहीं कर सकते हैं अगर आप कोई वायरलेस हेडफोन का उपयोग कर रहे हैं इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी ब्लूटूथ होता है ऐसे में एरोप्लेन मोड का उपयोग करने से ब्लूटूथ के साथ में वायरलेस हेडफोन का कनेक्शन टूट जाता है |

 

Wi-Fi Disable 

किसी भी स्मार्ट डिवाइस एवं स्मार्टफोन में वाईफाई काफी ज्यादा उपयोगी होता है इसके माध्यम से हम किसी दूसरे एवं ब्रॉडबैंड इंटरनेट को अपने स्मार्टफोन में उपयोग कर सकते हैं और अगर आपको एरोप्लेन मोड का उपयोग करते हैं ऐसे में वाईफाई पूरी तरीके से बंद हो जाएगा |

इसके कारण इंटरनेट का उपयोग नहीं कर सकेंगे, स्मार्ट डिवाइस में वाईफाई काफी ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और यह एक महत्वपूर्ण फ्यूचर भी है ऐसे में जब एरोप्लेन मूड का उपयोग किया जाता है तब आपका डिवाइस पूरी तरीके से कुछ काम का नहीं रह जाता |

 

GPS Disable 

आज के समय में स्मार्टफोन में जीपीएस काफी ज्यादा उपयोगी है क्योंकि जीपीएस के माध्यम से ही हमारे फोन में अधिकांश फीचर्स कार्य कर पाते हैं जहां पर आज अगर गूगल मैप का उपयोग करना है ऐसे में जीपीएस सबसे ज्यादा जरूरी है |

क्योंकि गूगल मैप का उपयोग करते वक्त जीपीएस के माध्यम से ही आप बिल्कुल सही रास्ते पर पहुंच सकते हैं एवं ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए भी जीपीएस काफी उपयोगी होता है क्योंकि ऑनलाइन पेमेंट एप्लिकेशन का उपयोग करते वक्त जीपीएस की जरूरत होती है |

वहीं कई प्रकार की एप्लीकेशन और स्मार्टफोन की फीचर का सही तरीके से उपयोग में लेने के लिए जीपीएस की जरूरत होती है और आज के समय में लगभग सभी स्मार्ट डिवाइस में जीपीएस होता है |

एरोप्लेन मोड का उपयोग करना आवश्यक क्यों है?

हम आपकी जानकारी के लिए बताना चाहेंगे कि एरोप्लेन में किसी भी इलेक्ट्रिक एवं स्मार्ट डिवाइस का उपयोग  करने की सत्ता में आए होती है जिसके कारण से कोई भी एरोप्लेन में फोन और टैबलेट का उपयोग नहीं कर सकते |

क्योंकि स्मार्टफोन का उपयोग करते वक्त टॉवर के साथ में कम्युनिकेशन करने की जरूरत होती है जिसमें की हाई फ्रिकवेंसी वाली सिग्नल निकलते हैं जिसके कारण से एरोप्लेन के SENSORS में खराबी आ सकती है | 

यहां पर यह जानना काफी आवश्यक है कि एरोप्लेन को सही तरीके से चलाने के लिए सेंसर काफी ज्यादा उपयोगी होते हैं इसके बिना एरोप्लेन को नहीं चलाया जा सकता है और ऐसे में एरोप्लेन के एक भी SENSORS में दिक्कत आ जाए तब काफी बड़ी परेशानी हो सकती है | 

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